आज फिर वैसा ही नज़ारा दिख रहा है. आपातकाल के दौरान संजय गांधी और उनकी चौकड़ी की भूमिका सत्ता-संचालन में ग़ैर-संवैधानिक हस्तक्षेप की मिसाल थी, तो आज वही भूमिका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ निभा रहा है.
संसद को अप्रासंगिक बना देने की कोशिशें जारी हैं. असहमति की आवाज़ों को चुप करा देने या शोर में डुबो देने की कोशिशें साफ़ नज़र आ रही हैं. आपातकाल के दौरान और उससे पहले सरकार के विरोध में बोलने वाले को अमरीका या सीआईए का एजेंट क़रार दे दिया जाता था तो अब स्थिति यह है कि सरकार से असहमत हर व्यक्ति को पाकिस्तान परस्त या देशविरोधी क़रार दे दिया जाता है.
आपातकाल में इंदिरा गांधी के बीस सूत्रीय और संजय गांधी के पांच सूत्रीय कार्यक्रमों का शोर था तो आज विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के
अब बात जब योग की हो तो बॉलीवुड को भी यहां जोड़ देते हैं. योग दिवस के आस-पास बॉलीवुड सितारे आपको योग से
जुड़ने और योगा करने की अपील हमेशा करते नज़र आते हैं.
पर इन सब के बीच में शिल्पा शेट्टी कुंद्रा योग की बात ना करें ऐसा कैसे हो सकता है?शिल्पा शेट्टी पहले भी फिटनेस की CD's ला चुकी हैं. सोशल मीडिया पर उनके योग और व्यायाम वाले वीडियोज़ जमकर पसंद और फॉलो किए जाते हैं.
वहीं शिल्पा मानती हैं कि "अगर आपको लगता है कि आप योग से वज़न नहीं घटा सकते तो ऐसा ग़लत है."
शिल्पा मानती हैं की योग उनके जीवन में हर तरीक़े से ख़ुशियां लाता है, उनके पति राज कुंद्रा ने भी योग करना शुरू किया है और 8 किलो वज़न घटा चुके हैं.
जब उनसे डाइटिंग के बारे में पूछा गया तो वो घबरा कर कहती हैं, "लोगों को नुट्रिशन के बारे में समझ होना बहुत ज़रूरी है. 30% आपका वर्कआउट होता है चाहे जिम हो या योग. लेकिन 70% आपकी सही डाइट ज़रूरी है. लेकिन डाइट का मतलब यह नहीं है कि आप अपने खाने में तेल डालना बंध कर दो."
उन्होंने कहा, "अच्छे फाइबर खाओ, अच्छे कार्ब्स खाओ, मैं तो दबा कर ज़ीरा आलू खाती हूं, पता नहीं क्यों लोग आलू से परेज़ करते हैं. कौन कहता है आलू खाने से मोटे होते हैं, किसने कहा है ओलिव आयल में खाना पकाओ. मैं तो खाने में दबा कर घी डालती हूं और खाती भी हूं. घी के बिना तो मेरा खाना अधूरा है."
आज कल की ज़िन्दगी में भागदौड़ बहुत आम है, हम सभी कभी ना कभी डॉक्टर के चक्कर लगते हैं और ना जाने कितनी प्रिसक्राइब की गई दवाइयां ले लेते हैं, लेकिन फ्री में कुदरती तौर पर दिए गए योगा का उपयोग कोई नहीं करता.
शिल्पा शेट्टी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर आप फ्लेक्सिबल या लचीले नहीं है तब भी योग किया जा सकता है.
वो कहती है, "योग हर कोई कर सकता है, छोटा-बड़ा, किसी भी उम्र का व्यक्ति. चाहे आप फ्लेक्सिबल हो या ना हो, मैं भी कई आसान नहीं कर पाती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं योग करना छोड़ दू."
21 जून को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दुनियाभर में कई आयोजन किए गए.
आवरण में हिंदुत्ववादी एजेंडा पर अमल किया जा रहा है. इस एजेंडा के तहत दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का तरह-तरह से उत्पीड़न हो रहा है.
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि आपातकाल के बाद से अब तक लोकतांत्रिक व्यवस्था तो चली आ रही है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं, रवायतों और मान्यताओं का क्षरण तेज़ी से जारी है.
यह ज़रूरी नहीं कि लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों का अपहरण हर बार बाक़ायदा घोषित करके ही किया जाए.
वह लोकतांत्रिक आवरण और क़ायदे-क़ानूनों की आड़ में भी हो सकता है, और काफ़ी हद तक हो भी रहा है, जिस पर पर्दा डालने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जब-तब चार दशक पीछे लौटकर 'कांग्रेस के आपातकाल' को उठा लाते हैं.